अविश्वास प्रस्ताव पर रार : सत्ता और संगठन आमने-सामने
Wed, Mar 18, 2026
छीना-झपटी में पिंकी के हाथ आये 8 वोट,8-6 से जीती बाजी
नारायणपुर
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जनपद सदस्यों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव की सूचना पर कलेक्टर द्वारा अभयजीत मंडावी अनुविभागीय अधिकारी (रा.) को पीठासीन अधिकारी नियुक्त कर जनपद पंचायत नारायणपुर के सभा कक्ष में 18 मार्च को सम्मिलन की तारीख तय की गई थी। अविश्वास प्रस्ताव आवेदन के बाद से भूमिगत हुए सभी जनपद सदस्य वाहनों में सवार होकर जनपद पंचायत पहुंच रहे थे,लेकिन नाटकीय घटनाक्रम में जनपद पंचायत के सामने पहले से ही उपस्थित भाजपा संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले को रोक लिया,साथ ही बहसबाजी और झूमा-झटकी करते हुए काफिले के एक वाहन में से दो जनपद सदस्यों रमोली शोरी और एशबती मांझी को उठाकर अपने साथ ले गए।
विरोधी तेवर से उड़े सत्ताधारियों के होश
जनपद अध्यक्ष के खिलाफ आये अविश्वास प्रस्ताव पर जिला-जनपद पंचायत के सभी अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित नगर पालिका के उपाध्यक्ष के माथे पर चिंता की लकीरें साफ नजर आ रही थी। देश और प्रदेश सहित त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में बाजी मारने वाली भाजपा के सत्ताधारी नेता इस वक्त अपने ही दल के विरोधाभासी तेवरों से काफी परेशान नजर आ रहे हैं। त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में जीत के महज एक साल बाद ही पद जाने का भय अब इन्हें सताने लगा है।
पुलिस के सामने दो जनपद सदस्यों को घसीट कर ले गए भाजपाई
नारायणपुर जनपद पंचायत कार्यालय के सामने खड़ी पुलिस भाजपाइयों के आगे लाचार और बेबस नजर आ रही थी। पुलिस की उपस्थिति में भाजपा संगठन के नेता दो जनपद सदस्यों को उठाकर ले गए। देखा जाए तो यह सामान्य सी बात है,लेकिन सोचा जाए तो बहुत कुछ। मंत्री का दबाव पुलिस पर साफ दिख रहा था। छीना- झपटी के वायरल वीडियो में जिला- पंचायत के वर्तमान अध्यक्ष नारायण मरकाम सहित अन्य भाजपाई मातृशक्ति का खुलेआम अपमान करते नजर आये।
मंत्री के तिकड़म से बची भाजपा की लाज
अविश्वास प्रस्ताव आवेदन के बाद मिले समय का फायदा उठाते हुए भाजपा ने पार्टी समर्थित जनपद अध्यक्ष के पद को बचाने एड़ी-चोटी कर जोर लगा दिया। इसी बीच मंत्री जी के दबाव के चलते सरकारी तंत्र और पुलिस प्रशासन वर्तमान अध्यक्ष पिंकी उसेंडी के पक्ष में कार्य करने मजबूर दिखा। फिलहाल पिंकी उसेंडी ने अपनी जनपद अध्यक्ष की कुर्सी बचा ली है।
6 के मुकाबले 8 वोट से गिरा अविश्वास प्रस्ताव- पीठासीन
अविश्वास प्रस्ताव के लिए पीठासीन नियुक्त हुए अभयजीत मंडावी ने चर्चा में कहा कि अध्यक्ष पद पर हुई वोटिंग में पिंकी उसेंडी के पक्ष में आठ वोट पड़े,जबकि उनके विरोध में सिर्फ 6 वोट पड़े और एक वोट निरस्त हुआ।अविश्वास प्रस्ताव के द्वारा किसी भी अध्यक्ष-उपाध्यक्ष को पद से हटाने के लिए दो-तिहाई वोटों की जरूरत थीं,जरूरी आंकड़ा जुटाने में विरोधी कामयाब नहीं हो पाए।
बगावत : जनपद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
Mon, Mar 16, 2026
अहंकार पर भारी अविश्वास
नारायणपुर
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के परिणाम आने के एक साल बाद जिले में अविश्वास प्रस्ताव के बादल उमड़ते दिखाई दे रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत नारायणपुर की अध्यक्ष पिंकी
उसेंडी के विरुद्ध अन्य जनपद सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव का आवेदन कलेक्टर को सौंपा है। सभी जनपद सदस्य वर्तमान अध्यक्ष पिंकी उसेंडी के व्यवहार से काफी आहत नजर आ रहे हैं। उनका आरोप है,कि अध्यक्ष बिना किसी से सलाह-मशविरा किये अपने मनमर्जी से काम करती है। इसलिए वो सभी अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से नया अध्यक्ष चुनना चाहते
हैं
। अब देखना दिलचस्प होगा कि ये अविश्वास प्रस्ताव के घने बादल गरज-चमक के साथ बरसते हैं या वनमंत्री और स्थानीय विधायक महोदय के दबाव में आकर छट जाते हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष- उपाध्यक्ष पद पर भी खतरे की घंटी
विश्वस्त सूत्रों की मानें तो जनपद अध्यक्ष के खिलाफ आया ये अविश्वास प्रस्ताव फिलहाल रुकने का नाम नहीं लेगा। अगली कड़ी में नारायणपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के विरुद्ध भी जल्द ही अविश्वास प्रस्ताव देखने को मिल सकता है। जिला पंचायत के अन्य सभी सदस्य वर्तमान अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की कार्यशैली से काफी नाराज बताए जा रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है,कि अपने पद का धौंस दिखाकर ये दोनों जिले के किसी भी ग्राम पंचायत को एजेंसी बनाकर सारे निर्माण कार्य स्वयं करने के साथ ही अपने खास लोगों को भी दिलवा रहे हैं।
निर्वाचन प्रमाण-पत्र कहीं ठेकेदारी का लाइसेंस तो नहीं
जिला-जनपद पंचायत के सदस्य क्षेत्र के चुने हुए जनप्रतिनिधि होते हैं,जिनका मुख्य कार्य क्षेत्र के विकास कार्यों की निगरानी और जनहित के मुद्दों को आगे बढ़ना होता है। साथ ही क्षेत्रवासियों के हितों को ध्यान में रखकर निर्माण कार्यों को स्वीकृत करवाना होता है,लेकिन बीते कुछ वर्षों में जिला-जनपद के सदस्य जनप्रतिनिधि कम ठेकेदार ज्यादा नजर आ रहे हैं। ऐसा ही कुछ नजारा नारायणपुर जिले में भी देखने को मिल रहा है।
18 की तिथि नियत- एसडीएम
नारायणपुर के अनुविभागीय अधिकारी अभयजीत मंडावी ने मीडिया से चर्चा में कहा कि जनपद सदस्यों द्वारा लाये गए अविश्वास प्रस्ताव पर विचार किए जाने के प्रयोजन से 18 मार्च पूर्वहान 11:00 बजे जनपद पंचायत नारायणपुर के सभा कक्ष में सम्मिलन की कार्यवाही नियत की गई है।
वार्डवासियों की मांग : पाथवे निर्माण से पहले हो जलभराव की समस्या का निदान
Thu, Mar 12, 2026
शहर की दिशाहीन ड्रेनेज सिस्टम पर उठ रहे सवाल
नारायणपुर
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इन दिनों नारायणपुर नगर पालिका शहर की खूबसूरती बढ़ाने के लिए प्राण-प्रण से कार्य करती नजर आ रही है,इसी कड़ी में बंधुआ तालाब को खूबसूरत बनाने के लिए नगर पालिका द्वारा पूर्व में तालाब के चारों ओर आरसीसी वॉल का निर्माण किया गया और अब पाथवे का निर्माण किया जा रहा है। बंधुआ तालाब से सटे वार्ड के रहवासियों का कहना है कि इस पाथवे निर्माण से पहले जल भराव की समस्या का निदान किया जाना चाहिए,क्योंकि इस निर्माण के बाद इस समस्या का निदान असंभव हो जाएगा। बरसात आने में अभी काफी समय है,ऐसे में काबिल आर्किटेक्ट और इंजीनियरों से ड्राइंग व लेआउट करवा कर नालियों का निर्माण किया जाना चाहिए, जिससे वार्ड वासियों को इस समस्या से राहत मिल सके। तालाब से सटे कुछ मकानों के पास चारों ओर नालियां हैं, इसके बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। इससे पता चलता है कि नगर पालिका द्वारा ड्रेनेज सिस्टम को ध्यान में रखकर नालियों का निर्माण नहीं करवाया गया।
शहर में बहती है,उल्टी-गंगा
वर्तमान का नारायणपुर शहर प्रारंभ से वर्ष 2003 तक ग्रामीण क्षेत्र के रूप में जाना जाता था। वर्ष 2004 में इसे नगर पंचायत घोषित किया गया और धीरे-धीरे हुई शहरीकरण ने इसे आखिरकार 2014 में नगर पालिका बना दिया। ग्राम पंचायत से नगर पालिका तक का सफर तय करने वाले इस शहर ने धीरे-धीरे विकास तो किया,लेकिन एक विडंबना यह रही कि शहर के नालों और नालियों का ड्रेनेज सिस्टम कभी भी संतोषजनक नहीं रहा। शहर के सभी 15 वार्डों में नालियों का निर्माण तो खूब हुआ,लेकिन उल्टी गंगा बहाने के तर्ज पर हुआ।
बंधुआ तालाब है,शहर का केंद्र बिंदु
शहर के हृदय स्थल पर स्थित बंधुआ तालाब हमेशा से शहर का केंद्र बिंदु रहा है। इसी तालाब को केंद्र बिंदु मानकर हमेशा से ही शहर की नालियों का निर्माण किया गया, लेकिन ठेकेदारों और इंजीनियरों ने कभी भी ढाल की दिशा का ध्यान नहीं रखा, जिसके चलते शहरवासी हमेशा से परेशान रहे हैं। बरसात को छोड़ दें तो अन्य 8 महीनों में नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों द्वारा नालियों की सफाई कर शहर वासियों को राहत दी जाती रही है, लेकिन बरसात के दिनों में ड्रेनेज सिस्टम की गलत व्यवस्था के चलते शहर के अधिकतर वार्डों में जल भराव की समस्या देखने को मिलती है।
हमला बस सही नाली चाही,बात खत्म-वार्डवासी
बीते कई वर्षों से बरसात के दिनों में तीन-चार फीट जल भराव की समस्या झेल रहे वार्डवासियों की जिद भरी मांग है, कि हमको बस सही दिशा में बहने वाली नाली चाहिए,जिससे हमें जल भराव की समस्या से राहत मिल सके।
समस्या का होगा समाधान- सीएमओ
नगर पालिका नारायणपुर के नवनियुक्त प्रभारी सीएमओ रामचंद्र यादव ने कहा कि वार्ड वासियों की समस्या को ध्यान में रखकर हमने क्षेत्र का निरीक्षण किया और इंजीनियर को वाटर लेवल के हिसाब से एस्टीमेट बनाने के लिए निर्देशित किया है। वार्डवासियों को जल भराव की समस्या से राहत दिलाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जल्द ही उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा।