दो सौ साल पुराने मंदिर का जीर्णोद्धार : श्रद्धा और भक्ति का स्थापना- जगदीश देशमुख
Aaj Ki Dahaad News
Tue, Feb 17, 2026
संवाददाता - चिराग उपाध्याय
केशकाल- केशकाल से सटे हुए ग्राम गौरगांव के आश्रित ग्राम चिखलाडीही में त्रि-दिवसीय राज्य स्तरीय मानसगान एवं आध्यात्मिक सम्मेलन सोमवार को संपन्न हुआ।उल्लेखनीय है कि महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शंकर की प्रतिमा के प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात राज्यस्तरीय मानस गान एवं आध्यात्मिक सम्मेलन का आयोजन किया गया,जिसमे प्रदेश के प्रतिष्ठित मानस मंडलियों ने प्रस्तुति देकर भक्तों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिती क्षेत्र के विधायक नीलकंठ टेकाम,तुलसी मानस प्रतिष्ठान के संरक्षक एवं सांसद मोहन मंडावी, तुलसी मानस प्रतिष्ठान के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश देशमुख, महासचिव राजेंद्र ठाकुर,कोषाध्यक्ष छगन यदु, प्रदेश सलाहकार प्रवीण अग्निहोत्री,कोंडागांव के ब्लाक अध्यक्ष बलराम मौर्य दी। इस अवसर पर तुलसी मानस प्रतिष्ठान के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश देशमुख ने कहा कि महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर ऐतिहासिक गांव चिखलाडीह में आपने लगभग डेढ़ दो सौ साल पुराना मंदिर का जिर्णोद्धार कर साक्षात श्रद्धा और भक्ति का आपने स्थापना किया है।
ये गांव के बुजुर्ग गण पूर्व से ही भक्ति भाव वाले थे उसका उदाहरण यह प्राचीन मंदिर है।गांव की एकजुटता के साथ ही वहां व्यवस्था की जमकर तारीफ किया व भविष्य में एकजुटता बनाए रखने की बात कही।तुलसी मानस प्रतिष्ठान के प्रदेश संरक्षक मोहन मंडावी ने
कहा कि रामायण जोड़ने का काम है तोड़ने का नहीं,पहले जिस प्रकार गांव बिठाया जाता था उसमें सभी जाति के लोग गांव में होते थे सभी जाति का अलग-अलग काम का बंटवारा होता था। जिसका उदाहरण आज देखने मिल रहा है कोई स्वागत कर रहे हैं कोई कार्यालय, भोजनालय, भण्डार कक्ष, कोई भोजन बना रहे हैं,कोई परोस रहे हैं। रामायण से नवधा भक्ति का वर्णन कर पारंपरिक गीत के माध्यम से संदेश दिया।तुलसी मानस प्रतिष्ठान के प्रदेश सलाहकार प्रवीण अग्निहोत्री ने कहा कि बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं गुप्तेश्वर बघेल जी आपको और आपकी पूरी टीम को आप लोगों ने दिखाया गांव की एकता और अखंडता को बनाए रखने का मूल मंत्र से हम सबको अभिसिंचित किया है कौशल्या भंडार की क्या तारीफ़ करूं वहां की माताऐ स्वयं कौशल्या है। कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु श्री राम युवा परिवार गौरगांव एवं चिखलाडीही के ग्रामवासियों का विशेष योगदान रहा।मंच का प्रभावी संचालन गुप्तेश्वर बघेल एवं राजेश गंधर्व ने किया।

Tags :
छत्तीसगढ़,बस्तर केशकाल,
विज्ञापन
विज्ञापन