छात्रों के हक पर डाका : सरकारी किताबें बिकी कबाड़ के दाम,यूपीआई ट्रांजेक्शन से खुला भ्रष्टाचार
आज की दहाड़ न्यूज
कोंडागांव- जिले के फरसगांव में स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में शिक्षा के नाम पर एक घिनौना और शर्मनाक घोटाला सामने आया है। शासन द्वारा निःशुल्क वितरण के लिए भेजी गई किताबें और शैक्षणिक सामग्री विद्यार्थियों तक पहुँचने के बजाय कबाड़ी के हवाले कर दी गई। मिली जानकारी के अनुसार विद्यालय के एक शिक्षक शिव कुमार साहू द्वारा कबाड़ी से ₹5,432 की राशि अपने फोन पे पर लिया गया है। यह ट्रांजेक्शन विद्यालय में चल रहे खुले भष्टाचार का ठोस डिजिटल प्रमाण है।बता दें विद्यालय के भ्रष्ट शिक्षक और प्राचार्य ने मिलकर विद्यालय का शासकीय कबाड़ स्थानीय कबाडियों को बेच दिया। एक कबाड़ी के पास से प्राप्त हस्तलिखित लेन-देन का हिसाब और शिक्षक द्वारा अपने फोन पे के माध्यम से लिए गए भुगतान की राशि का आपस में सटीक मेल खाना ये साबित करता है,की इस मामले में प्रत्यक्ष आर्थिक भ्रष्टाचार और सरकारी संपत्ति की चोरी हुई है। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो पूर्व में भी इन दोनों के द्वारा 1.50 लाख रुपये से अधिक की शासकीय सामग्री चोरी-छुपे बेचने की जानकारी सामने आई थी,लेकिन प्रभावशाली लोगों के दबाव में मामला दबा दिया गया।
विद्यालय प्रबंधन की चुप्पी पर सवाल
भ्रष्टाचार के पर्याप्त सबूत होने के बावजूद विद्यालय प्रबंधन की चुप्पी खुद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। दोषी शिक्षक अब पूरे मामले को रफादफा करने की कोशिश में जुटा है। सोचनीय तथ्य यह है,कि क्या यह केवल एक शिक्षक का कृत्य है या फिर पूरे तंत्र की मिलीभगत का परिणाम?
स्कूली बच्चों के भविष्य से खिलवाड़
शिक्षक पर बच्चों के भविष्य गढ़ने की जिम्मेदारी होती है,लेकिन जब वही शिक्षक उन बच्चों के हक पर डाका डाले तो यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता का नहीं रह जाता,बल्कि ये कृत्य गरीब और जरूरतमंद छात्रों के अधिकारों पर सीधा प्रहार है। अब देखना दिलचस्प होगा की ठोस डिजिटल प्रमाण होने के बाद दोषी शिक्षक और विद्यालय प्रबंधन पर जिला प्रशासन क्या कार्यवाही करती है।
प्राचार्य की मौखिक आदेश पर बेचा कबाड़-शिक्षक
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय फरसगांव के हिंदी मीडियम के शिक्षक शिवकुमार साहू ने बताया कि विद्यालय के प्राचार्य की मौखिक आदेश पर ही मैंने कबाड़ का सामान स्थानीय कबाड़ी को बेचा और उससे 5432 रुपए अपने फोन पे पर लिया है, लेकिन लाखों की कबाड़ सामग्री बेचे जाने की जानकारी मुझे नहीं है।
शिक्षक द्वारा कबाड़ बेचे जाने की जानकारी मुझे नहीं-प्राचार्य
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय फरसगांव के प्राचार्य महावीर जायसवाल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि विद्यालय के एक शिक्षक द्वारा कबाड़ बेचे जाने की जानकारी आपके माध्यम से मिली है। उक्त विषय पर संज्ञान लेने के बाद ही मैं कुछ कह पाऊंगा।
सरकारी किताबें बेचने का कोई प्रावधान नहीं- डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी कोंडागांव भारती प्रधान ने फोन से हुये चर्चा में कहा कि विद्यालयों में रखी सरकारी किताबों को बेचने का कोई प्रावधान नहीं है, बल्कि इन किताबों को छात्रों में वितरित किया जाना चाहिए। यदि ऐसा कोई कृत्य जिले के किसी विद्यालय के शिक्षकों के द्वारा किया गया है, तो इसकी जानकारी बीईओ से ली जाएगी और जाँच में दोषी पाए जाने पर दोषियों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
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